Priyanka Nandwani Blog, Skill Development

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद ने रोजगार और कौशल विकास को बढ़ाने वाला रोडमैप पेश किया

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) ने अपनी दूसरी बैठक में शुक्रवार को रोजगार सृजन और कौशल विकास को बढ़ावा देने वाले रोडमैप का खाका पेश किया है। परिषद ने शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे सामाजिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने पर भी जोर देने की सिफारिश की है। इसके अलावा उसने आर्थिक विकास के संकेतकों को सामाजिक विकास के संकेतकों से जोड़ने की सिफारिश की है। यह बैठक ईएसी के अध्यक्ष बिबेक देबरॉय की अध्यक्षता में हुई।
बैठक के बाद इस बारे में जारी अपने बयान में परिषद ने बताया, ‘ईएसी आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में होने वाले विकास को जानने के लिए एक नया इकोनॉमी ट्रैकिंग मॉनीटर विकसित कर रहा है। इससे समाज के अंतिम छोर तक आर्थिक विकास के पड़ने वाले असर को परखा जाएगा।’ ईएसी ने केंद्र सरकार से उन राज्यों को आर्थिक प्रोत्साहन देने की सिफारिश भी की है जिनका शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे सामाजिक क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन रहा है।
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Priyanka Nandwani: स्किल डवलपमेंट पैटर्न को समझने जयपुर पहुंचा अफ्रीकन देशों का डेलीगेशन

जयपुर : स्किल डवलपमेंट के क्षेत्र में अब भारत अफ्रीकी देशों को मदद मुहैया कराएगा और राजस्थान की इसमें अहम भागीदारी होगी। प्रदेश के स्किल डवलपमेंट पैटर्न की जानकारी लेने के लिए अफ्रीकन देशों का एक डेलीगेशन बुधवार को जयपुर दौरे पर रहा। इस डेलीगेशन ने कौशल आयुक्त कृष्ण कुणाल से मुलाकात कर प्रदेश के कौशल प्रशिक्षण ढांचे की विस्तार से जानकारी ली।

कौशल भवन में आयोजित बैठक में कौशल आयुक्त कृष्ण कुणाल के साथ ही आरएसएलडीसी के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। अफ्रीका से आए डेलीगेशन में वहां के शिक्षा मंत्री और उप शिक्षा मंत्री के साथ ही उच्च स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं।

वर्तमान में चालीस हजार से ज्यादा अफ्रीकन भारत में रह रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में भारतीय भी अफ्रीकी देशों में निवास कर रहे हैं। अफ्रीका की 20 प्रतिशत आबादी बेरोजगार है और वहां रोजगार व उच्च कौशल प्रशिक्षण की काफी कमी महसूस की गई है।……..Read more about this topic:

http://www.skillreporter.com/africa-skill-development-delegation-reached-rajasthan/

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कौशल विकास मंत्रालय चुनौती नहीं जिम्मेदारीः धर्मेंद्र प्रधान

नई दिल्ली : कौशल विकास तथा उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज कहा कि व्यावसायिक कौशल के साथ युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना उनके लिए चुनौती नहीं बल्कि एक नया दायित्व है और इसका वह जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करेंगे।

प्रधान ने कौशल विकास तथा उद्यमिता मंत्रालय में अपने सहयोगी अनंत कुमार हेगड़े के साथ कार्यभार संभालने के बाद पत्रकारों से कहा कि यह उनके लिए नया मंत्रालय है। इस मंत्रालय में कैसे काम करना है इसके लिए स्थिति समझने के बाद जल्द ही एक रोडमैप तैयार किया जाएगा। पेट्रोलिय राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार के रूप में उन्होंने उज्ज्वला सहित कई नयी योजनाएं शुरू की। कल मंत्रिपरिषद में हुए फेरबदल में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाकर कौशल विकास मंत्री का अतिरिक्त दायित्व दिया गया।

उन्होंने कहा कि हर साल 10 करोड़ युवाओं को रोजगार की जरूरत होती है। ये सभी युवक स्वाभिमान के साथ नौकरी पेशे से जुड़े इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कौशल विकास मंत्रालय का गठन किया। इस मंत्रालय ने युवाओं के कौशल विकास के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं ……….

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नए मंत्रालय का कार्यभार संभालने से पहले श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने गिनाई प्राथमिकताएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में फेरबदल के बाद संतोष गंगवार अब स्वतंत्र प्रभार के साथ श्रम एवं रोजगार मंत्री होंगे। नए मंत्रालय का कार्यभार संभालने से पहले अपनी प्राथमिकताएं गिनाते हुए संतोष गंगवार ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उनको जो नई जिम्मेदारी सौंपी है, उस पर खरा उतरने के लिए वह हर संभव कोशिश करेंगे। स्थाई और अस्थाई श्रमिकों के कानूनों को आसान बनाया जाएगा। लोकसभा में श्रमिकों के लंबित विधेयक पारित कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

उन्होंने कहा कि देश भर में कई प्रकार के श्रमिक हैं। स्थाई और अस्थाई श्रमिकों के अलावा संविदा और दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों की अलग-अलग समस्याएं हैं। वह सोमवार को नए मंत्रालय के दफ्तर में पहुंचकर सबसे पहले इन श्रमिकों और उनकी समस्याओं पर अध्ययन करेंगे। इसके बाद उनके समाधान की रूपरेखा बनाई जाएगी। श्रम रोजगार मंत्री ने कहा कि मजदूरों को उचित वेतन, भत्ते दिलाने से लेकर अन्य सुविधाएं कैसे मिलें, इसके लिए पुरानी योजनाओं पर अमल तेज किया जाएगा, साथ ही नई योजनाएं भी बनाई जाएंगी। नए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण समेत अन्य रोजगारपरक ट्रेनिंग कोर्स शुरू किए जाएंगे।

Source:  goo.gl/qRwsnv

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Ministry proposed NSDC makeover, suggested funding reduction and non exclusivity to implement flagship programs like PMKVY 2.0

New Delhi: The government proposes to strip the National Skill Development Corporation (NSDC) of its task of implementing its flagship skill schemes. Instead, its sole responsibility will be to fund organizations who are willing to invest in skilling people, two government officials said.

The proposed makeover of NSDC is implicitly an indictment of the organization and also a signal that the government wants to kick-start the entire programme to generate skilled manpower.

The ministry of skill development and entrepreneurship has taken the view that NSDC is not equipped to implement and monitor schemes and that its mandate should be confined to financing qualified players who want to skill-train people in desired job roles…….

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Australian Government to spend $110m to re-skill jobless over-50s

Australia : Older workers in Ballarat are set to benefit from a $110 million government plan to re-skill mature-age Australians who are being locked out of the job market. Federal Employment Minister Michaelia Cash announced Ballarat has been chosen as one of five trial sites for the rollout of the career transition assistance program.

“It will provide people over 50 with help searching for and getting jobs, including computer and information technology training. The program, announced in this year’s Budget, is designed to keep older Australians in the workforce for longer. Mature-age Australians bring a lifetime of skills and experience to the workforce,” Senator Cash said.

“It is critical for the individual and for the economy that this experience isn’t lost if older workers find themselves out of work”, she added.

The trial, which starts in July next year, will also include Somerset in Queensland, ­Central West in New South Wales, Adelaide South and Perth North. The program is expected to be rolled out ­nationally in 2020.

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Skill Development

Priyanka Nandwani: Institutionalizing Unskilled To Passionate Intellectuals

Smooth sea never made a skill full mariner so is Priyanka Nandwani, woman of substance. Enthusiastic young women entrepreneur who is substantially contributing towards the accomplishment of PMKVY. PMKVY is the GOI project launched under Ministry of Skill Development & Entrepreneurship headed by Shri Rajiv Pratap Rudy, Hon’ble Union Minister. Project is designed to skill youth across national and at regional levels to further accelerate social and economic growth on complete financial support by Government and with Public- Private Partnership approach with strong view to provide training, placement and continuous monitoring over scheme to ensure effective implementation.

India, a country with diversity with bunch of talented people blowing their triumph at international level. Simultaneously, there is a dearth of unskilled worker posing threat to social & economic development of our economy resulting in poor standard of living. By going with the saying: “Make your weakness your strength to combat difficulties”, Hon’ble Prime Minister, Shri Narender Singh Modi has launched Project Pradhan Mantri Kaushal Vikas Yojna (PMKVY) to Make India the Skill Capital of the world.

It’s well said: Whatever the aim is, it’s vital to know where career is going and what career plan to evolve in ever changing world is. Our team in collaboration with PMKVY envisages achieving desired result.

Skill Development

NSDC to impart skill training in 50 villages in Haryana adopted by Ex-President Pranab Mukherjee

The National Skill Development Corporation (NSDC) will set up development centres in 50 villages in Haryana, revealed a source in the NSDC. The villages chosen for the scheme were all adopted by outgoing President of India, Pranab Mukherjee.

These skill development centres will empower rural youth in the state, and would be seen as Mukherjee’s lasting contributions to the nation.

In July 2016, the president of India adopted five villages in Haryana — Alipur, Daula, Harchandpur and Tajnagar in Gurugram district and Rozkameo in Mewat district, and these were to be developed as “smart villages”.

With skill development being the main agenda of the ‘Smart Villages’ programme, the Ministry of Skill Development and Entrepreneurship and NSDC launched six centres in these five villages in November 2016, to impart key skills which are in demand locally. These skills include tailoring, gardening, general duty assistance, hard embroiderer, data entry operator, sewing machine operator, unarmed guard, domestic data entry operator and solar panel installation technician.

As per an NSDC report, the organisation has enrolled 2,113 candidates in the five villages, of which 1,370 have completed their training successfully. The courses lasted between 30 to 60 days.

Vimal Thenua, who has been working as a solar panel installer for the last six months at Silkatech Private Limited in Gurugram, said that if he had not done the course at the Haryana centre, he would have still been looking for employment. “I got the job after doing a course in solar panel installation,” said Thenua, who now makes Rs 25,000 per month.

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Skill Development

कौशल विकास प्रशिक्षण के लिहाज से महाराष्ट्र सभी राज्यों में अग्रणी : एनएसडीसी विश्लेषण

मुंबई :  देश में कौशल विकास में योगदान के लिहाज से महाराष्ट्र सबसे गतिशील राज्यों में से एक राज्य के रूप में उभरा है। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) द्वारा प्रबंधित विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़े आंकड़ों के अनुसार 30 जून तक महाराष्ट्र ने 2011 के बाद से 40 क्षेत्रों में 10 लाख से अधिक लोगों को प्रशिक्षित किया।

एनएसडीसी के प्रबंध निदेशक व सीईओ मनीष कुमार ने कहा, कौशल विकास मिशन कुशल व रोजगारयोग्य श्रमबल बनाने की दिशा में सकारात्मक कदम है ताकि देश भर में युवाओं को बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराए जा सकें। हाल ही में एक विश्लेषण में महाराष्ट्र राज्य कौशल प्रशिक्षण के लिए केंद्र हब के रूप में उभरा।

महाराष्ट्र सरकार की 2011 तक 4.5 करोड़ लोगों को रोजगारयोग्य कौशल से सक्षम बनाने की योजना है। आंकड़ों के अनुसार 15 से 59 वर्ष आयुवर्ग में रोजगार योग्य 10 लाख से अधिक श्रमबल को समग्र प्रशिक्षण में महाराष्ट्र अग्रणी है। राज्य में कौशल प्रशिक्षण के लिहाज से प्रमुख क्षेत्रों में कपड़ा व परिधान, बैंकिंग, आईटी व आईटी सम्बद्ध, इलेक्ट्रोनिक्स, हार्डवेयर, सौंदर्य, रत्न व आभूषण शामिल है।

राष्ट्रीय कौशल पात्रता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के अनुपालन में उक्त प्रशिक्षण कौशल इंडिया मिशन से सम्बद्ध निजी संस्थान दे रहे हैं। इसके अनुसार बीते एक साल में लगभग तीन लाख लोगों को प्रशिक्षण दिया गया जिसमें से 45 प्रतिशत को रोजगार मिला।

Source:http://www.skillreporter.com/maharashtra-most-skill-developed-state-nsdc-statistics/

Skill Development

Skills Minister Rajiv Pratap Rudy announced additional 200 Crore for skill development in Uttar Pradesh

Lucknow : Each division of the state—and gradually, every district—will get a training school for drivers of heavy vehicles, said chief minister Aditya Nath Yogi. He added that he was not happy with the quality of training being imparted by the private ITIs (Industrial Training Institutes). “The training module as well as examination system in these institutes must change,” said Yogi, addressing media persons, along with Union skill development minister (independent charge) Rajiv Pratap Rudy here on Saturday.

The chief minister said there were 286 government ITIs in the state and around 2,500 private ones and all that is happening there is either an exam or election. He added that soon, examinations in ITIs would be held online and results will be declared within 24 hours and this would check irregularities.

The government plans to open heavy vehicle drivers’ training schools at all 18 divisions in the state and later, in all the districts, said the chief minister, adding, state government will provide 5 acres land in each division for the school.

Addressing media persons, Rudy said previously, skill development programmes held in 50 different departments of 23 ministries had now been brought under one ministry. Appreciating the state government’s Rs 150-crore budget for skill development, Rudy announced an additional Rs 200 crore to be given by the Centre so that the skill development campaign could reach the village level.

He asked officials to work towards training youth in traditional craft in the district of origin. For example, he said training in saree making should be imparted in Varanasi, for making brass utensils in Moradabad, for preparing petha in Agra, etc. These traditional specialities are on the verge of extinction and proper training can on one hand preserve them and on the other hand provide jobs to lakhs in the state, he said.

Source: http://www.skillreporter.com/skills-minister-rajiv-pratap-rudy-announced-additional-200-crore-skill-development-uttar-pradesh/